उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इलेक्ट्रॉनिक सामान की सप्लाई से जुड़ा एक बड़ा ठगी मामला सामने आया है। विकासनगर पुलिस ने लैपटॉप, कंप्यूटर और प्रिंटर की खेप लेकर भुगतान न करने वाले आरोपी शोभित श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर एक स्थानीय व्यापारी से करीब 3.79 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।
कैसे हुआ पूरा मामला
विकासनगर सेक्टर-2 निवासी व्यापारी लोकेश ने 19 जुलाई को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, शोभित श्रीवास्तव ने बड़ी मात्रा में कंप्यूटर, लैपटॉप और प्रिंटर का ऑर्डर दिया था। माल की डिलीवरी लेने के बाद आरोपी ने तय रकम का भुगतान नहीं किया।
पीड़ित व्यापारी का कहना है कि इस सप्लाई पर लगभग 80 लाख रुपये का जीएसटी वह पहले ही सरकार को जमा कर चुका है। जब उसने बार-बार बकाया रकम की मांग की, तो आरोपी ने न सिर्फ भुगतान से इनकार किया, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी।
फरार आरोपी की मल्हौर रोड से गिरफ्तारी
धमकी देने के बाद आरोपी कई महीनों तक फरार रहा। विकासनगर थाना प्रभारी आलोक सिंह के अनुसार, पुलिस की एक विशेष टीम लगातार उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। बुधवार को सूचना मिली कि आरोपी मल्हौर रोड के पास मौजूद है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शोभित श्रीवास्तव, निवासी सेक्टर-एफ, जानकीपुरम के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह मूल रूप से चिनहट के यमुना विहार कॉलोनी का रहने वाला है।
बैंक खातों और रकम की रिकवरी पर फोकस
पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों की जांच कर रही है और ठगी गई रकम की रिकवरी के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले में आर्थिक अपराध और धमकी से जुड़े धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
क्यों अहम है यह मामला
यह केस सिर्फ एक व्यापारी की ठगी तक सीमित नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई जैसे हाई-वैल्यू बिजनेस में भुगतान और जीएसटी से जुड़ी जिम्मेदारियां सीधे छोटे और मझोले व्यापारियों पर असर डालती हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि आरोपी ने इस तरह की ठगी पहले भी की है या नहीं।
फिलहाल, आरोपी पुलिस हिरासत में है और आगे की पूछताछ जारी है।